चुनावी मौसम की तैयारी

वर्तमान समय मे देखा जाए तो चारो और सिर्फ और सिर्फ चुनाव का माहौल तैयार किया जा रहा है। हर पार्टी एक दूसरे की टांग खीचने मे लगी हुई है। ऐसी कोई पार्टी या नेता नहीं है जो जाति और धर्म के नाम पर राजनीति ना कर रहा हो। भारत का ऐसा कोई हिस्सा नहीं है जहां पर जाति और धर्म के नाम पर राजनीति ना हो रही हो।
अगर धर्म और जाति के नाम पर ही चुनाव होता रहेगा, तो वो दिन दूर नहीं जब 10 प्रतिशत पूंजीपति 90 प्रतिशत गरीब जनता पर राज करेंगे। गरीब इंसान सिर्फ और सिर्फ धर्म और जाति के चक्कर मे पूंजीपतियों का गुलाम बनकर रहे जाएगा। और आने वाले समय मे एक बार फिर गुलामी करेगा, जिस तरह से अंग्रेजो के समय मे गुलामी करता था। एक बार फिर गुलामी की जंजीरों मे बंध जाएगा। फर्क़ सिर्फ इतना रहेगा पहले अंग्रेजो की गुलामी करी थी और अब इन पूंजीपतियों की गुलामी करेगा। अब निर्णय भारत की जनता को करना है कि धर्म और जाति के नाम पर वोट दे कर गुलामी की जिंदगी गुजारेगी। या भारत  मे एक नया बदलाव लाने के लिए जद्दोजहद करेगी। अगर अपने देश भारत का विकास करना है तो हमे खुद बदलाव लाना होगा। हम सबको मिलकर धर्म और जाति के नाम हो रही राजनीत को खत्म करना होगा। रोजगार और विकास के लिए जद्दोजहद करनी होगी, तभी हमारे देश भारत का विकास होगा, जब हमारे देश का विकास तभी हमारा विकास होगा।
अब देखना है कि हमारे लेख को पढ़ कर हमारे देश की जनता मे क्या बदलाव आता है।
जय हिंद..... 

चुनावी मौसम की तैयारी

वर्तमान समय मे देखा जाए तो चारो और सिर्फ और सिर्फ चुनाव का माहौल तैयार किया जा रहा है। हर पार्टी एक दूसरे की टांग खीचने मे लगी हुई है। ऐसी क...